गुरुवार, 26 जनवरी 2012
शुक्रवार, 30 दिसंबर 2011
पार्थवी अक्टूबर के बाद Parthvi's activities after October
पार्थवी अक्टूबर के बाद Parthvi's activities after October
पार्थवी दशहरे के बाद ब्लॉग से गायब ही हो गयी थी तो आज सब जाने वो कहाँ थी.तो आओ जी जाने कहाँ गयी थी पार्थवी.
दिवाली की धूम
शादी में डांस
पठाके नहीं चलाये बस देखे
दोस्तों ने गिफ्ट दिए
डेरा गुरुद्वारा श्री श्री चंद साहिब
मैन हूँ डान
सर्दी तो है आज पर फन सिटी भी तो जाना है झूले ही झूले
सबसे उपर वाले में मैन हूँ हा हा हा ....
राउंड राउंड बाईक दर्र दर्र दर्र........
अब या तो चलो नाथूस में या चलो बिकानो में या सागर रत्ना में भूख लग गयी है .....
अब मैं ठीक हूँ चलो घर ........
दो महीने के लिए मिल गयी नयी सौगात इन्हेलर ........
पार्थवी दशहरे के बाद ब्लॉग से गायब ही हो गयी थी तो आज सब जाने वो कहाँ थी.तो आओ जी जाने कहाँ गयी थी पार्थवी.
दिवाली की धूम
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| दिवाली की धूम |
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| पार्थवी, अंशवी और अर्श |
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| अनार |
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| आरुशी |
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| जय हो बाबा जी दी |
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| हा हा मैन हूँ .... |
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| राउंड राउंड डक |
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| ये झूला अच्छा है सब से उपर |
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| मेरी बाईक |
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| शाही कचोरी यम यम ठण्ड लग गयी डाक्टर अंकल ने वहीं रख लिया हस्पताल में तीन दिन उआं उआं |
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| सीधी नहीं हो रही सारी |
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| ये हाथ में से इंजेक्शन कब निकलेगा |
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| दिन में दो बार यदि ठीक होना है .... |
गुरुवार, 6 अक्टूबर 2011
पार्थवी: रावण को क्यूँ जलाते हैं ? dussehra and ravan
पार्थवी: रावण को क्यूँ जलाते हैं ? dussehra and Ravan
आज दशहरे के पावन अवसर पर पार्थवी ने भी इच्छा जताई कि वो भी देखेगी दशहरा का मेला
यहाँ यमुनानगर मे ४-५ जगह दशहरे के मेले लगते हैं इन मे दशहरा मैदान माडल टाउन का दशहरे का मेला देखने का प्रोग्राम बनाया गया.
अब शुरू होता है ना खत्म होने वाला प्रश्नों का सिलसिला
१. रावण को क्यों जलाते हैं ?
२. रावण के टेन हेड्स कहाँ से आये ?
इस प्रश्न पर तो मुझे अपना बचपन भी याद आगया मैंने पूछा था कि रावण के १० सिर ओरिजनल के अलावा थे या कुल १० सिर थे
उतर मिला कुल १०
तब यह सोच पड़ गई की एक तरफ ५ और दूसरी तरफ ४ सिर ...
तो संतुलन कैसे बनता होगा ??
३. बाकी दो रावण कोंन हैं?
मारो रावण को पर अपने भीतर के बुराई रूपी रावण को...
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है.
वर्षों से कवि-लेखक रावण को खलनायक बताते रहे हैं। रावण खलनायक नहीं, प्रतिनायक है। राम की दूसरी ओर बैठा हुआ। आप उससे असहमत हैं, उसकी अनेक प्रवृत्तियां ऐसी हैं, जिनसे आपको गुरेज है। आपको स्त्री-हरण, भाई के अपमान, अनेक शक्तियों को स्वकेंद्रित करने की बात तो याद है, लेकिन मृत्यु के समय रावण द्वारा लक्ष्मण को दिया ज्ञान भी आपके स्मरण में है? हमारी परंपरा कीचड़ से भी कमल खिला लेती है। वर्जना से भी हम सृजन कर लेते हैं। इसी परंपरा के कारण धतूरे से भी गुण ले लेते हैं.
मनुष्य का मन दशहरे की तरह उत्सवधर्मी है. बच्चों के लिए बिकने वाला धनुष, गदा वगैरह भी उनके लिए अहिंसक जैसा है. बच्चों ने दशहरे में अस्त्र-शस्त्रों को भी आत्मीय बना लिया है, हिंसाहीन बना लिया है. वे हमें सीख देते हैं. सीख लेना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें हम झुकते हैं और झुकना हमें विनम्र बनाता है. विनम्रता में हमारी वास्तविक उपस्थिति होती है.
विजयादशमी एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण दिन है। इस दिन रावण, उसके भाई कुम्भकर्ण और पुत्र मेघनाद के पुतले खुली जगह में जलाए जाते हैं. कलाकार राम, सीता और लक्ष्मण के रूप धारण करते हैं और आग के तीर से इन पुतलों को मारते हैं जो पटाखों से भरे होते हैं. पुतले में आग लगते ही वह धू धू कर जलने लगता है और इनमें लगे पटाखे फटने लगते हैं और जिससे इनका अंत हो जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है.
यह विडियो दशहरा ग्राउंड के रावण के दहन का है.
आज दशहरे के पावन अवसर पर पार्थवी ने भी इच्छा जताई कि वो भी देखेगी दशहरा का मेला
यहाँ यमुनानगर मे ४-५ जगह दशहरे के मेले लगते हैं इन मे दशहरा मैदान माडल टाउन का दशहरे का मेला देखने का प्रोग्राम बनाया गया.
अब शुरू होता है ना खत्म होने वाला प्रश्नों का सिलसिला
१. रावण को क्यों जलाते हैं ?
२. रावण के टेन हेड्स कहाँ से आये ?
इस प्रश्न पर तो मुझे अपना बचपन भी याद आगया मैंने पूछा था कि रावण के १० सिर ओरिजनल के अलावा थे या कुल १० सिर थे
उतर मिला कुल १०
तब यह सोच पड़ गई की एक तरफ ५ और दूसरी तरफ ४ सिर ...
तो संतुलन कैसे बनता होगा ??
३. बाकी दो रावण कोंन हैं?
| यमुनानगर के दश्हरा ग्राउंड के |
| मुस्लिम कारीगर ने बनाया रावण और दशको से उसका परिवार बनाता है |
| मैंने भी मारना है रावण को |
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है.
| तैयार है नया राम जी |
| मेला मेले मे झूला, झूले मे झूला मेरा मन |
| वाह रे रावण तेरा डूबता सूरज और खुद तू बुराई का पुतला |
| आज नी छोड़ना रावण को पर ये फिरकी क्या करेगी ? |
| जय हो जय हो |
| हमेशा की तरह !! |
यह विडियो दशहरा ग्राउंड के रावण के दहन का है.
सोमवार, 26 सितंबर 2011
कुछ लोग... कुछ बातें... !: पाई बनाम टाऊ ! - गणित के कठिन होने का एक कारण?
कुछ लोग... कुछ बातें... !: पाई बनाम टाऊ ! - गणित के कठिन होने का एक कारण?
असल पोस्ट के कुछ अंश ......
पाई जो सदियों से गणित का सबसे लोकप्रिय अंक और प्रतीक रहा है को इन दस्तावेजों में गलत करार दिया गया है. सबसे पहले आपको काम की ही बात बता दूँ यहाँ पाई गलत होना (Pi is wrong !) कहना थोड़ा भ्रामक है। वास्तव में ये भी यह नहीं कह रहे कि पाई गलत है - बल्कि यह कि पाई अव्यवहारिक है। वैसे ही जैसे अपनी नाक को पकड़ना हो तो हाथ को गर्दन के पीछे से घुमाकर भी यह काम किया जा सकता है पर जब आसानी से नाक पकड़ी जा सकती है तो इतना करने का क्या लाभ? टाऊ समर्थकों के अनुसार टाऊ गणित समझने को थोड़ा आसान बनाता है - पाई थोड़ा कठिन !
पाई का अर्थ होता है वृत्त की परिधि और व्यास का अनुपात। टाऊ का अर्थ है वृत्त की परिधि और त्रिज्या का अनुपात। अर्थात टाऊ हुआ पाई का दोगुना ! बस इतनी सी बात है - पाई की जगह टाऊ बट्टे दो लिख देना है। और टाऊ का मान पाई का दोगुना अर्थात ६.२८...।
इससे गणित और साथ ही दूसरे किसी विज्ञान का कोई भी नियम नहीं बदलेगा। बस इतना होगा कि गणितीय सूत्र यथा नाम तथा गुण के थोडे करीब हो जाएँगे। और इस प्रकार गणित के नियम समझने में थोड़ी आसानी होगी।
अभी अधिकतर सूत्रों में २*पाई लिखना पड़ता है। टाऊ का इस्तेमाल करने पर बार बार २ नहीं लिखना पड़ेगा। बात बस इतनी सी ही नहीं है - एक पूर्ण फेरे से बने कोण को अभी हम २*पाई कहते हैं, आधे को पाई और एक चौथाई को पाई बट्टे २ इत्यादि। अगर हम एक फेरे से बने कोण को टाऊ कहने लगें तो आधे के लिए टाऊ बट्टे २ और चौथाई के लिए टाऊ बट्टे ४ कहेंगे जो ज्यादा इंट्यूटिव है। अगर हम पाई की जगह टाऊ लिखने लगें तो आश्चर्यजनक रूप से इंट्यूटिव लगने के अलावा गणित, भौतिकी और अभियांत्रिकी के कई कठिन सूत्र भी आसान हो जाएँगे ! जैसे गणित का वो खूबसूरत समीकरण जिसकी चर्चा इस पोस्ट में है वो कुछ यूं हो जाएगा...
असल पोस्ट के कुछ अंश ......
पाई जो सदियों से गणित का सबसे लोकप्रिय अंक और प्रतीक रहा है को इन दस्तावेजों में गलत करार दिया गया है. सबसे पहले आपको काम की ही बात बता दूँ यहाँ पाई गलत होना (Pi is wrong !) कहना थोड़ा भ्रामक है। वास्तव में ये भी यह नहीं कह रहे कि पाई गलत है - बल्कि यह कि पाई अव्यवहारिक है। वैसे ही जैसे अपनी नाक को पकड़ना हो तो हाथ को गर्दन के पीछे से घुमाकर भी यह काम किया जा सकता है पर जब आसानी से नाक पकड़ी जा सकती है तो इतना करने का क्या लाभ? टाऊ समर्थकों के अनुसार टाऊ गणित समझने को थोड़ा आसान बनाता है - पाई थोड़ा कठिन !
पाई का अर्थ होता है वृत्त की परिधि और व्यास का अनुपात। टाऊ का अर्थ है वृत्त की परिधि और त्रिज्या का अनुपात। अर्थात टाऊ हुआ पाई का दोगुना ! बस इतनी सी बात है - पाई की जगह टाऊ बट्टे दो लिख देना है। और टाऊ का मान पाई का दोगुना अर्थात ६.२८...।
इससे गणित और साथ ही दूसरे किसी विज्ञान का कोई भी नियम नहीं बदलेगा। बस इतना होगा कि गणितीय सूत्र यथा नाम तथा गुण के थोडे करीब हो जाएँगे। और इस प्रकार गणित के नियम समझने में थोड़ी आसानी होगी।
अभी अधिकतर सूत्रों में २*पाई लिखना पड़ता है। टाऊ का इस्तेमाल करने पर बार बार २ नहीं लिखना पड़ेगा। बात बस इतनी सी ही नहीं है - एक पूर्ण फेरे से बने कोण को अभी हम २*पाई कहते हैं, आधे को पाई और एक चौथाई को पाई बट्टे २ इत्यादि। अगर हम एक फेरे से बने कोण को टाऊ कहने लगें तो आधे के लिए टाऊ बट्टे २ और चौथाई के लिए टाऊ बट्टे ४ कहेंगे जो ज्यादा इंट्यूटिव है। अगर हम पाई की जगह टाऊ लिखने लगें तो आश्चर्यजनक रूप से इंट्यूटिव लगने के अलावा गणित, भौतिकी और अभियांत्रिकी के कई कठिन सूत्र भी आसान हो जाएँगे ! जैसे गणित का वो खूबसूरत समीकरण जिसकी चर्चा इस पोस्ट में है वो कुछ यूं हो जाएगा...
सोमवार, 29 अगस्त 2011
जन्मदिन खास रिपोर्ट My Birthday
जन्मदिन खास रिपोर्ट My Birthday
जन्मदिन का मनाया जाना सब के लिए खास होता है वो दिन भी याद है जब किसी बच्चे के जन्मदिन की पार्टी से आकर पार्थवी ने कहा मेरा जन्मदिन भी अभी के अभी मनाओ .......... कैसे समझाया कि जन्मदिन कब मनाया जाता है बस हमें ही मालूम है .
जन्मदिन की पार्टी के लिए तैयार पार्थवी
खास मित्रों का स्वागत है जफ्फियाँ पा के ...
कईं कार्यक्रम किये गए विजेता बच्चों को प्राईज़ दिए गए .
केक कटा सब बोले हैप्पी बर्थ डे टू यू ......
पापा का गिफ्ट क्या है इस मे ????
सब के सब खुश हैं छोटे बड़े सब के सब ....
पापा ने दिखाया मैजिक शो सब बच्चे हैरान परेशान ये कैसे हो जता है ....जादू है जादू
अच्छा ओके बाय ....
मुझे शुभकामनाओं से नवाजने वाले सब ब्लोगर साथीयों को मेरी तरफ बहुत बहुत धन्यवाद जी
जन्मदिन का मनाया जाना सब के लिए खास होता है वो दिन भी याद है जब किसी बच्चे के जन्मदिन की पार्टी से आकर पार्थवी ने कहा मेरा जन्मदिन भी अभी के अभी मनाओ .......... कैसे समझाया कि जन्मदिन कब मनाया जाता है बस हमें ही मालूम है .
जन्मदिन की पार्टी के लिए तैयार पार्थवी
खास मित्रों का स्वागत है जफ्फियाँ पा के ...
कईं कार्यक्रम किये गए विजेता बच्चों को प्राईज़ दिए गए .
केक कटा सब बोले हैप्पी बर्थ डे टू यू ......
पापा का गिफ्ट क्या है इस मे ????
सब के सब खुश हैं छोटे बड़े सब के सब ....
पापा ने दिखाया मैजिक शो सब बच्चे हैरान परेशान ये कैसे हो जता है ....जादू है जादू
अच्छा ओके बाय ....
मुझे शुभकामनाओं से नवाजने वाले सब ब्लोगर साथीयों को मेरी तरफ बहुत बहुत धन्यवाद जी
बुधवार, 24 अगस्त 2011
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