रविवार, 26 अगस्त 2012
मंगलवार, 10 जुलाई 2012
ग्रीष्म कैम्प पार्थवी के स्कूल में Parthvi's Summer camp
ग्रीष्म कैम्प पार्थवी के स्कूल में Parthvi's Summer camp
पार्थवी के स्कूल मुकुंद लाल पब्लिक स्कूल में ग्रीष्मकालीन कैम्प लगा जिस में पार्थवी ने भी भाग लिया। इस कैम्प में एक दर्जन से भी अधिक गतिविधियां आयोजित की गयी जिस में से पार्थवी ने दो गतिविधियों में भाग लिया।
इन गतिविधियों से पार्थवी व अन्य बच्चों ने बहुत कुछ सीखा।
कुछ चीजे जो कि पार्थवी ने कुशल मास्टर ट्रेनर्स से बनानी सीखी उन के फोटोग्राफ्स शेयर कर रहा हूँ देखें,
कैसी लगी आप को पार्थवी की बनाई बिल्ली मौसी, जोकर, गुडिया आदि आदि
पार्थवी के स्कूल मुकुंद लाल पब्लिक स्कूल में ग्रीष्मकालीन कैम्प लगा जिस में पार्थवी ने भी भाग लिया। इस कैम्प में एक दर्जन से भी अधिक गतिविधियां आयोजित की गयी जिस में से पार्थवी ने दो गतिविधियों में भाग लिया।
इन गतिविधियों से पार्थवी व अन्य बच्चों ने बहुत कुछ सीखा।
कुछ चीजे जो कि पार्थवी ने कुशल मास्टर ट्रेनर्स से बनानी सीखी उन के फोटोग्राफ्स शेयर कर रहा हूँ देखें,
कैसी लगी आप को पार्थवी की बनाई बिल्ली मौसी, जोकर, गुडिया आदि आदि
सोमवार, 16 अप्रैल 2012
रुई का पेड़ A cotton tree or tree cotton
रुई का पेड़ A cotton tree or tree cotton
पार्थवी कुछ रोज से कह रही थी पापा जी मेरे स्कूल(MLPS YNR) में रुई का ट्री है मैंने देखा है।
उस पर बड़ी बड़ी रुई लगी है।
मैंने पूछा कितना बड़ा है ?
बहुत बड़ा छत जितना।
मैंने कहा नहीं।
नहीं उस पर बड़ी बड़ी रुई लगी है।
मैंने बच्चे की बात को झूठ नहीं माना,
आज मै पार्थवी के स्कूल मुकंद लाल पब्लिक स्कूल सरोजिनी कालोनी Mukand Lal Public School Sarojini Colony yamunanagar गया।
मैंने देखा वास्तव में जहां वो बता रही थी वहाँ एक कोटन ट्री यानि रुई का पेड़ खड़ा था।
मैंने उस के फोटो लिए रुई के सैम्पल लिए,बीज एकत्र किये।
पार्थवी को रुई के पेड़ से कोई लेना देना नहीं था वो तो इस बात से खुश थी की मैं उस की खोज को देखने स्कूल गया था।
बस उस ने कहा ,
देखा मैंने कहा था ना स्कूल में रुई का पेड़ है है ना।
बच्चों में प्रकृती अवलोकन अच्छा शौंक है यह शौंक उन में पैदा किया जाता है मुझे याद है एक बार मैंने एक रिश्तेदार के घर में बगीचे में लगे चीकू के पेड़ को उसे दिखाया था तब से उसे पेड़ को ध्यान से देखने की आदत हो गई है उसने अपने मामा के खेत में आम के पेड़ को आम लगे देख कर पहचान कर हैरान कर दिया था।
खैर...
आप भी देखें उस रुई के पेड़ के फोटो
देखें एक और चित्र
देखें एक और चित्र
देखें इसकी रुई और बीज का चित्र
वास्तव में यह पेड़ है क्या आओ जाने इस के बारे में,
पार्थवी कुछ रोज से कह रही थी पापा जी मेरे स्कूल(MLPS YNR) में रुई का ट्री है मैंने देखा है।
उस पर बड़ी बड़ी रुई लगी है।
मैंने पूछा कितना बड़ा है ?
बहुत बड़ा छत जितना।
मैंने कहा नहीं।
नहीं उस पर बड़ी बड़ी रुई लगी है।
मैंने बच्चे की बात को झूठ नहीं माना,
आज मै पार्थवी के स्कूल मुकंद लाल पब्लिक स्कूल सरोजिनी कालोनी Mukand Lal Public School Sarojini Colony yamunanagar गया।
मैंने देखा वास्तव में जहां वो बता रही थी वहाँ एक कोटन ट्री यानि रुई का पेड़ खड़ा था।
मैंने उस के फोटो लिए रुई के सैम्पल लिए,बीज एकत्र किये।
पार्थवी को रुई के पेड़ से कोई लेना देना नहीं था वो तो इस बात से खुश थी की मैं उस की खोज को देखने स्कूल गया था।
बस उस ने कहा ,
देखा मैंने कहा था ना स्कूल में रुई का पेड़ है है ना।
बच्चों में प्रकृती अवलोकन अच्छा शौंक है यह शौंक उन में पैदा किया जाता है मुझे याद है एक बार मैंने एक रिश्तेदार के घर में बगीचे में लगे चीकू के पेड़ को उसे दिखाया था तब से उसे पेड़ को ध्यान से देखने की आदत हो गई है उसने अपने मामा के खेत में आम के पेड़ को आम लगे देख कर पहचान कर हैरान कर दिया था।
खैर...
आप भी देखें उस रुई के पेड़ के फोटो
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| cotton tree Mukand Lal Public School Sarojini Colony yamunanagar |
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| cotton tree Mukand Lal Public School Sarojini Colony yamunanagar |
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| cotton tree Mukand Lal Public School Sarojini Colony yamunanagar |
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| रुई और बीज |
'कॉटन ट्री'
सेमल (वैज्ञानिक नाम:बॉम्बैक्स सेइबा), इस जीनस के अन्य पादपों की तरह सामान्यतया 'कॉटन ट्री' कहा जाता है। इस उष्णकटिबंधीय वृक्ष का सीधा उर्ध्वाधर तना होता है। इसकी पत्तियां डेशिडुअस होतीं हैं। इसके लाल पुष्प की पाँच पंखुड़ियाँ होतीं हैं। ये वसंत ऋतु के पहले ही आ जातीं हैं।
इसका फल एक कैपसूल जैसा होता है। ये फल पकने पर श्वेत रंग के रेशे, कुछ कुछ कपास की तरह के निकालते हैं। इसके तने पर एक इंच तक के मजबूत कांटे भरे होते हैं। इसकी लकड़ी इमारती काम के उपयुक्त नहीं होती है। इसके फलों से बेहतरीन रूई मिलती है जिससे मुलायम गद्दे व तकिए बनाए जाते हैं।
सेमल (बोम्बेक्स सीबा)वृक्ष प्रजाति प्राचीन ऋषियों की आध्यात्मिक साधना में सहायक पंचवटी के पांच वृक्षों में सम्मिलित है इसीलिए इसे देव वृक्ष भी कहा जाता है और इसका उल्लेख महाभारत ग्रन्थ में भी मिलता है। इस वृक्ष के सभी हिस्सों का औषधीय महत्व है जो मधुमेह, हृदयरोग, मूत्रज रोग, नपुंसकता तथा प्रदर रोगों में उपयोग होता है तथा व्यावसायिक रुप से भी इसकी रेशमी रुई (KAPOK), बीज, लकडी आदि उपयोग में लिये जाते है। दलों के झड़ जाने पर डोडा या फल रह जाता है जिसमें बहुत मुलायम और चमकीली रूई या घूए के भीतर बिनौले से बीज बंद रहते हैं। सेमल की रूई को जला कर उसकी राख को शरीर के जले हुए भाग पर लगाने से आराम आता है।
सेमल की रूई रेशम सी मुलायम और चमकीली होती है और गद्दों तथा तकियों में भरने के काम में आती है, क्योंकि काती नहीं जा सकती।उत्तर बिहार के मैदानी इलाकों में बहुतायत होने होने वाले सेमल की लकड़ी प्लाइवुड निर्माण के लिए सबसे बेहतरीन मानी जाती है। इससे तैयार प्लाइवुड में फंगस लगने की संभावना कम होती है। किसानों के लिए इसके पेड़ बैंक के एफडी की तरह होता है। जब चाहे उन्हे इसकी ऊंची कीमत मिल जाती है। पर्यावरण की दृष्टिकोण से भी सेमल काफी अनुकूल माना जाता है। यह सर्वाधिक आक्सीजन मुक्त करने वाला पेड़ माना जाता है।
सेमल की रूई रेशम सी मुलायम और चमकीली होती है और गद्दों तथा तकियों में भरने के काम में आती है, क्योंकि काती नहीं जा सकती।उत्तर बिहार के मैदानी इलाकों में बहुतायत होने होने वाले सेमल की लकड़ी प्लाइवुड निर्माण के लिए सबसे बेहतरीन मानी जाती है। इससे तैयार प्लाइवुड में फंगस लगने की संभावना कम होती है। किसानों के लिए इसके पेड़ बैंक के एफडी की तरह होता है। जब चाहे उन्हे इसकी ऊंची कीमत मिल जाती है। पर्यावरण की दृष्टिकोण से भी सेमल काफी अनुकूल माना जाता है। यह सर्वाधिक आक्सीजन मुक्त करने वाला पेड़ माना जाता है।
भारत ही नहीं दुनिया के सुंदरतम वृक्षों में इसकी गिनती होती है। दक्षिण-पूर्वी एशिया का यह पेड़ ऑस्ट्रेलिया, हाँगकाँग, अफ्रीका और हवाई द्वीप के बाग-बगीचों का एक महत्वपूर्ण सदस्य है। पंद्रह से पैंतीस मीटर की ऊँचाई का यह एक भव्य और तेजी से बढ़ने वाला, घनी पत्तियों का स्वामी, पर्णपाती पेड़ है।
इसके तने पर मोटे तीक्ष्ण काँटों के कारण संस्कृत में इसे 'कंटक द्रुम' नाम मिला है। इसके तने पर जो काँटे हैं वे पेड़ के बड़ा होने पर कम होते जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि युवावस्था में पेड़ को जानवरों से सुरक्षा की जरूरत होती है जबकि बड़ा होने पर यह आवश्यकता खत्म हो जाती है। है न कमाल का प्रबंधन।
सेमल सुंदर ही नहीं उपयोगी भी है। इसका हर हिस्सा काम आता है। पत्तियाँ चारे के रूप में, पुष्प कलिकाएँ सब्जी की तरह, तने से औषधीय महत्व का गोंद 'मोचरस' निकलता है जिसे गुजरात में कमरकस के रूप में जाना जाता है। लकड़ी नरम होने से खिलौने बनाने व मुख्य रूप से माचिस उद्योग में तीलियाँ बनाने के काम आती हैं। रेशमी रूई के बारे में तो आप जान ही गएँ हैं। बीजों से खाद्य तेल निकाला जाता है।
तो कैसा लगा आप को पार्थवी के स्कूल का रुई का पेड़ बताएं जरूर
शुक्रवार, 30 मार्च 2012
पार्थवी के जादू भाग - ४ Parthvi's magic-4
पार्थवी के जादू भाग - ४ Parthvi's magic-4
पार्थवी आप को कभी कभी जादू के रूप में कुछ प्रयोग कर के दिखायेगी।
तो इस श्रृंखला का चौथा जादू प्रस्तुत है।
कोई भी एक नोट जिस पर गाँधी जी की तस्वीर हो ले कर V शेप में इस प्रकार मोड़ते हैं कि गांधी जी का मुँह V शेप के बीच में आ जाए और फिर दोनों हाथो से नोट पकड कर उपर नीचे अर्धवृत्ताकार घुमाएँ
मेरे प्यारे गांधीजी कभी हँसते हैं कभी नाराज होते हैं
किसी भी देश के नोट जिस पर कोई किसी की तस्वीर हो से ऐसा किया जा सकता है
या फिर कागज पर किसी की फोटो बना कर ऐसा किया जा सकता है
देखना है कैसे?
तो देखिये यह विडियो ..
कैसा लगा मेरा चौथा जादू ......
पार्थवी आप को कभी कभी जादू के रूप में कुछ प्रयोग कर के दिखायेगी।
तो इस श्रृंखला का चौथा जादू प्रस्तुत है।
कोई भी एक नोट जिस पर गाँधी जी की तस्वीर हो ले कर V शेप में इस प्रकार मोड़ते हैं कि गांधी जी का मुँह V शेप के बीच में आ जाए और फिर दोनों हाथो से नोट पकड कर उपर नीचे अर्धवृत्ताकार घुमाएँ
मेरे प्यारे गांधीजी कभी हँसते हैं कभी नाराज होते हैं
किसी भी देश के नोट जिस पर कोई किसी की तस्वीर हो से ऐसा किया जा सकता है
या फिर कागज पर किसी की फोटो बना कर ऐसा किया जा सकता है
देखना है कैसे?
तो देखिये यह विडियो ..
कैसा लगा मेरा चौथा जादू ......
रविवार, 25 मार्च 2012
पार्थवी के जादू भाग - ३ Parthvi's magic-3
पार्थवी के जादू भाग - ३ Parthvi's magic-3
पार्थवी आप को कभी कभी जादू के रूप में कुछ प्रयोग कर के दिखायेगी।
तो इस श्रृंखला का तीसरा जादू प्रस्तुत है।
एक रूपये का सिक्का लिया।
उस पर कांच का गिलास रखा।
अरे सिक्का गायब.....!!!
देखना है कैसे?
तो देखिये यह विडियो ..
कैसा लगा मेरा तीसरा जादू ......
शुक्रवार, 16 मार्च 2012
पार्थवी के जादू भाग - २ Parthvi's magic-2
पार्थवी के जादू भाग - २ Parthvi's magic-2
पार्थवी आप को कभी कभी जादू के रूप में कुछ प्रयोग कर के दिखायेगी।
तो इस श्रृंखला का दुसरा जादू प्रस्तुत है।
एक रूपये का सिक्का लिया।
उस को उल्ट पुलट कर दिखा दिया।
फिर उस को मेज पर रखा।
फिर मैंने अपना हाथ उस सिक्के पर रखा।
हाथ को उपर उठाया।
एक रूपये का सिक्का भी उपर उठ गया।
बताओ कैसे ?
देखियेगा यह विडियो ...
कैसा लगा मेरा दूसरा जादू ......
पार्थवी आप को कभी कभी जादू के रूप में कुछ प्रयोग कर के दिखायेगी।
तो इस श्रृंखला का दुसरा जादू प्रस्तुत है।
एक रूपये का सिक्का लिया।
उस को उल्ट पुलट कर दिखा दिया।
फिर उस को मेज पर रखा।
फिर मैंने अपना हाथ उस सिक्के पर रखा।
हाथ को उपर उठाया।
एक रूपये का सिक्का भी उपर उठ गया।
बताओ कैसे ?
देखियेगा यह विडियो ...
कैसा लगा मेरा दूसरा जादू ......
रविवार, 11 मार्च 2012
पार्थवी के जादू भाग - १ Parthvi's magic-1
पार्थवी के जादू भाग - १ Parthvi's magic-1
पार्थवी आज से आप को कभी कभी जादू के रूप में कुछ प्रयोग कर के दिखायेगी।
तो इस श्रृंखला का पहला जादू प्रस्तुत है।
कागज के टुकड़े उठाना।
पेन को सूखे बालों में रगड़ो।
कागज के टुकडो के पास लाओ।
ये क्या ये तो चिपक गए।
देखो ये विडियो,
कैसा लगा मेरा पहला जादू ......
पार्थवी आज से आप को कभी कभी जादू के रूप में कुछ प्रयोग कर के दिखायेगी।
तो इस श्रृंखला का पहला जादू प्रस्तुत है।
कागज के टुकड़े उठाना।
पेन को सूखे बालों में रगड़ो।
कागज के टुकडो के पास लाओ।
ये क्या ये तो चिपक गए।
देखो ये विडियो,
कैसा लगा मेरा पहला जादू ......
रविवार, 4 मार्च 2012
रविवार, 12 फ़रवरी 2012
एंड्रायड से पोस्ट post through android
पेन्ट किया पार्थवी ने पोस्ट किया मैने ....
बताया नवीन जी हिन्दीटेक ने
नतीजा कामयाब रहा
गुरुवार, 26 जनवरी 2012
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